भाजपा की वाशिंग मशीन में भ्रष्टाचार में घिरे नेताओं का धुलकर साफ होने का सिलसिला जारी है। अब भाजपा ने महाराष्ट्र में अपने सहयोगी दल शिंदे गुट की शिवसेना के सांसद रविंद्र वायकर को वाशिंग मशीन में धोकर बेदाग बना दिया है। ‘‘आप’’ की प्रवक्ता रीना गुप्ता ने रविंद्र वायकर के खिलाफ चल रही जांच बंद करने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि रविंद्र वायकर पर मुम्बई के जोगेश्वरी इलाके में 500 करोड़ की जमीन को कब्जाने के आरोप में सितंबर 2023 में एफआईआर दर्ज हुई थी। उनके घर पर कई बार ईडी के छापे भी पड़े। इसके बाद 10 मार्च 2024 को वो उद्धव ठाकरे गुट को छोड़ दिया और एनडीए के सहयोगी शिंदे गुट में शामिल हो गए। लोकसभा चुनाव में वो महज 48 वोटों से सांसद चुने गए हैं। इसके चंद दिनों बाद ही ईडी ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट लगाकर उनके खिलाफ सारी जांच बंद कर दी है। इससे पहले, भाजपा में शामिल हुए छगन भुजबल, प्रफुल पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और बाबा सिद्दकी के मामलों में भी क्लोजर रिपोर्ट लगाकर जांच बंद कर दी गई है।
आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता रीना गुप्ता ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि भाजपा भारत के राजनैतिक इतिहास की सबसे भ्रष्य पार्टी है। भाजपा के भ्रष्टाचार का सबसे ताजा उदाहरण मुंबई से शिवसेना शिंदे गुट के सांसद रविंद्र वायकर है। रविंद्र वायकर इस बार मुंबई लोकसभा सीट से सांसद चुनकर आए हैं। मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में 500 करोड़ की एक पब्लिक गार्डन की जमीन पर कब्जा करके एक फाइव स्टार होटल बनाने की कोशिश में इनके खिलाफ 14 सितंबर 2023 को एफआईआर दर्ज हुई। इसके बाद यह मामला ईडी के पास गया और रविंद्र वायकर के ठिकानों पर कई रेड हुई। अनुमान लगाया जा रहा है कि उस जमीन की कीमत करीब 500 करोड़ रुपए है। लेकिन जिस तरह कई नेता भाजपा की वाशिंग मशीन में आकर साफ हो जाते हैं, रविंद्र वायकर भी 10 मार्च 2024 को उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिवसेना के शिंदे गुट में शामिल हो गए, जो कि एनडीए का घटक दल है। शुक्रवार को इनके खिलाफ चल रहे केस को खत्म कर दिया गया। ईडी ने कोर्ट में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। अब रविंद्र वायकर भी मोदी जी की वॉशिंग मशीन में धुलकर साफ हो गए और उनको सर्टिफिकेट मिल गया। चौंकाने वाली बात यह है कि ईडी ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में लिखा है कि यह पूरा मामला अधूरी जानकारी और गलतफहमी की वजह से शुरु हुआ। रविंद्र वायकर के भाजपा के साथ जाने के बाद उनके घर एक भी रेड नहीं पड़ी और सीधे क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई।
रीना गुप्ता ने आगे कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले हमारे सामने आए हैं। जो भी भाजपा में शामिल होता है, मोदी जी उसे अपनी वाशिंग मशीन में धुलकर सर्टिफिकेट दे देते हैं। हिमंता बिस्वा शर्मा से लेकर नारायण राणे तक ऐसे कई सारे मामले है। इसके अलावा चार बड़े मामले ऐसे हैं, जिनकी जांच बंद करके क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है, ताकि भविष्य में भी कोई तहकीकात न हो। इसमें छगन भुजबल का 10 हजार करोड़ का महाराष्ट्र सदन घोटाला, प्रफुल पटेल का 30 हजार करोड़ का घोटाला, सिंधिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला समेत बाबा सिद्धकी का 500 करोड़ रुपए का स्लम एरिया के पुनर्वास का घोटाला शामिल है। यह सब लोग आरोप लगने के बाद भाजपा में शामिल हो गए जिसके बाद जांच एजेंसियों ने इसकी जांच बंद कर दी।
रीना गुप्ता ने कहा कि देश में रोज किसी न किसी भ्रष्टाचार के मामले का खुलासा हो रहा है, जिससे लोगों में रोष है। पिछले 10 दिनों के अंदर बिहार में 15 पुल गिर गए। 3 एयरपोर्ट टर्मिनल गिर गए। नीट और यूजीसी नेट का पेपर लीक हो गया। इन सबका कारण भ्रष्टाचार है। सरकारी प्रोजेक्ट के ठेके देने में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। मोदी जी कहते हैं कि न पैसा खाउंगा और न किसी को खाने दूंगा, फिर ऐसे कैसे हो रहा है कि इतने हादसे होने के बाद भी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसका एक नतीजा यह है कि बड़ी संख्या में अमीर और सक्षम लोग इस देश से पलायन कर रहे हैं। पिछले 7 से 8 साल में लगभग 50 हजार अमीर लोग देश छोड़कर चले गए हैं। हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स जो देश में करोड़ों का कारोबार कर सकते हैं, हमारे युवाओं को रोजगार दे सकते हैं। वह कह रहे हैं कि देश में इतना टैक्स देकर रहने का क्या फायदा जब लोगों की क्वालिटी ऑफ लाइफ इतनी खराब है। देश में हो रही इन घटनाओं के पीछे सिर्फ भ्रष्टाचार है। हमें इसके खिलाफ आवाज उठानी पड़ेगी। अगर यह भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ तो हमारा देश कभी विकसित राष्ट्र की श्रेणी में नहीँ आ पाएगा। हमारे बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए जरूरी है कि हम इसके खिलाफ खड़े हों।