आम आदमी पार्टी ने राजेंद्र नगर में हुई दुखद घटना के लिए सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार बताया। ‘‘आप’’ सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह दुखद घटना केंद्र सरकार, भाजपा और एलजी की साजिश का नतीजा है। इनकी साजिश के चलते ही अफसरों ने नालों की साफ-सफाई नहीं कराई। इनका प्रयास है कि दिल्लीवाले गंदगी और नाले के पानी के बीच रहने को मजबूर हों और बारिश आए तो दिल्ली में तहस-नहस की स्थिति बन जाए। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की केंद्र सरकार ने बिल लाकर ट्रांसफर-पोस्टिंग की पावर दिल्ली सरकार से छीनकर एलजी को दिया है, तब से अधिकारी मंत्रियों के निर्देश का बिल्कुल पालन नहीं कर रहे हैं। बीते 28 जून को हुई बैठक में मंत्रियों ने मुख्य सचिव समेत अन्य अफसरों को नालों की डीसिल्टिंग कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिर किसके कहने पर अफसर मंत्रियों के निर्देश नहीं मान रहे हैं। दरअसल, दिल्ली के जिस शिक्षा-स्वास्थ्य मॉडल की पूरी दुनिया में सराहना हो रही है, उसे बदनाम करने की साज़िश हो रही है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने पार्टी मुख्यलाय में प्रेस वार्ता कर कहा कि पूरी दिल्ली, राजनैतिक दल और मीडिया राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर में हुई घटना पर चर्चा कर अपनी चिंता जता रहे हैं। निश्चित रूप से यह घटना दर्दनाक, पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं प्रार्थना करता हूं कि जो छात्र इस घटना में मारे गए हैं, प्रभु उनकी आत्मा को शांति दे। मैं प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर उनके परिवार को यह अपार कष्ट सहने की शक्ति दे। यह कोई छोटी घटना नहीं है। लेकिन ये घटना क्यों हुई, इसके बारे में भी हमें जरूर बात करनी होगी। आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सबसे बेहतरीन काम करके दिखा रही है। इस सरकार के शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मॉडल की चर्चा अमेरिका जैसे देश में हो रही है, उस मॉडल को बदनाम करने की गहरी साजिश की जा रही है।
संजय सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, केंद्र की उसकी सरकार और दिल्ली के एलजी का एक ही प्रयास है कि किसी भी तरह से दिल्लीवालों की जिंदगी नर्क बना दो और उनको गंदगी और नाले के पानी के बीच में रहने के लिए मजबूर कर दो। दिल्ली में बारिश आए तो तहस-नहस की स्थिति हो जाए। ये भाजपा और एलजी साहब की मंशा है। यह कोई हवा-हवाई बातें नहीं है, इसके प्रमाण अब सबके सामने आ गए हैं। 28 जून को दिल्ली के मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें हमारे कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज, आतिशी, गोपाल राय और इमरान हुसैन मौजूद है। साथ ही बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव समेत अलग-अलग विभागों के तमाम अधिकारी मौजूद हैं। सौरभ भारद्वाज अधिकारियों से कह रहे हैं कि दिल्ली के नाले भरे हुए हैं, उनकी डीसिल्टिंग कराइए। जलभराव होगा तो दिल्ली के लोगों को परेशानी होगी। आतिशी, इमरान हुसैन और गोपाल राय भी बार-बार कह रहे हैं कि लेबर बढ़ाओ। आप क्यों नहीं काम कर रहे हैं? दिल्ली में समस्या बढ़ जाएगी। इसके बाद भी अधिकारियों ने नालों की सफाई नहीं कराई। आखिर किसके कहने पर अधिकारियों की इतनी हिम्मत हो रही है कि वो मंत्रियों के बार-बार निर्देश के बाद भी नालों की डीसिल्टिंग नहीं करा रहे हैं। यह सीधे-सीधे दिल्ली के एलजी और भाजपा की साजिश का हिस्सा है। ताकि दिल्ली की सरकार को बदनाम किया जा सके।
संजय सिंह ने कहा कि ये लोग उस सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं जिसने दिल्ली के बच्चों के लिए सबसे बेहतरीन शिक्षा का इंतजाम किया। लोगों के लिए अस्पताल और मोहल्ला क्लीनिक बनाने का काम किया। बिजली-पानी फ्री किया। बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा कराई। महिलाओं को फ्री बस यात्रा की सुविधा दी। लेकिन भाजपा और एलजी मिलकर दिल्ली की सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। अधिकारियों के मन में जरा सा भी डर नहीं है कि अगर वो सफाई नहीं करवाएंगे तो एलजी उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच ने एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए कहा था कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार के पास अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग और कार्रवाई का अधिकार होना चाहिए। लेकिन 5 जजों के फैसले को भाजपा से 8 दिनों के अंदर बदल दिया। देश की संसद में भी इस बात पर चर्चा हुई। जिसमें मैंने अनुरोध किया कि मीटिंग पर एक्शन लेते हुए उन अधिकारियों से पूछा जाए कि किसके कहने पर वो काम नहीं कह रहे हैं। मैं बार-बार दोहरा रहा हूं कि इसके भी पीछे वही लोग हैं जो दिल्ली सरकार की मोहल्ला क्लीनिक, साफ-सफाई, एमसीडी के काम, डोर टू डोर राशन और तीर्थ यात्रा जैसी योजनाओं को रोकने का काम करते हैं।
संजय सिंह ने कहा कि यह केंद्र की मोदी सरकार, दिल्ली के एलजी और भाजपा की मिलीभगत का नतीजा है कि ऐसे घटनाए ंहो रही हैं। कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में कोचिंग क्लास और लाइब्रेरी आज से नहीं चल रहे हैं, ये कोचिंग 25-30 सालों से ऐसे ही चल रहे हैं। सालों के उनके बेसमेंट में इसी तरह लाइब्रेरी और क्लासेज़ चल रही हैं। भाजपा पिछले 15 सालों से एमसीडी में थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि आम आदमी पार्टी की मेयर रविवार से बेसमेंट में चल रहे अवैध कोचिंग सेंटर सील कर रही हैं। आखिर ये कार्रवाई सालों पहले क्यों नहीं हुई? दिल्ली के एलजी बयान दे रहे हैं कि पिछले 10 सालों की लापरवाही की देन है जिसकी वजह से ये नाले जाम हुए हैं। आम आदमी पार्टी को एमसीडी में आए हुए 1 साल हुआ है। जबकि पिछले 15 साल से भाजपा एमसीडी में शासन कर रही थी।
संजय सिंह ने कहा कि अगर भाजपा को दोषारोपण करना है तो करे। उसे केवल वही आता है। लेकिन सवाल उठता है कि अगर एलजी खुद कह रहे हैं कि पिछले 10 सालों की देन है जिसकी वजह से दिल्ली का ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हुआ है। जब 15 साल से भाजपा एमसीडी में थी, तो बेसमेंट में ये कोचिंग क्लास और लाइब्रेरी कैसे चल रहे थे? भाजपा ने इतने सालों में उन पर क्या कार्रवाई की? अगर फायर डिपार्टमेंट ने गलत तरीके से एनओसी दी है तो, एलजी उसके खिलाफ कार्रवाई करें। उन्हें किसने रोका है? लेकिन मंत्री कार्रवाई के लिए लिखेगा और एलजी वो फाइल रखकर इसलिए बैठ जाएंगे क्योंकि वो खुद इस साजिश का हिस्सा हैं। उनको खुद काम रोकना है। ये ठीक बात नहीं है। ये सच्चाई मैंने देश के सदन में भी रखी है। मंत्रियों और अधिकारियों की जो वीडियो सामने मैंने सदन में कहा है कि उसकी सच्चाई मैं पूरे तथ्य के साथ देश के सामने रखूंगा। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। दिल्ली की जनता के खिलाफ ऐसी साजिश क्यों रची जा रही है? क्योंकि उन्हें बर्बादी के कगार पर ले जाने की कोशिश हो रही है?
संजय सिंह ने दिल्लीवालों से कहा कि अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी और हम सारे लोग आपके हितों के लिए लड़ने और काम कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम दिल्लीवालों के लिए पहले भी लड़ते रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। पहले भी जब जरूरत पड़ी तो अरविंद केजरीवाल 9 दिनों तक अपने मंत्रियों के साथ एलजी हाउस में धरने पर बैठे। जरूरत पड़ी तो आतिशी अनशन पर बैठीं। सड़क से लेकर देश की संसद तक आपकी आवाज उठाई गई। दिल्ली वाले चिंता न करें। आपकी लड़ाई केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ही लड़ सकते हैं। हम लोग उनसे लड़ रहे हैं। हम दिल्लीवालों के हक उन्हें दिलाएं और सारे काम करके दिखाएंगे।