दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल अब जनता की अदालत में जाएंगे। रविवार को जंतर-मंतर पर पहली ‘जनता की अदालत’ लगेगी, जहां पूरी दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसकी जानकारी देते हुए ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता एवं विधायक दिलीप पांडे ने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि ‘जनता की अदालत’ में दिल्लीके लोग कहेंगे कि मेरा केजरीवाल ईमानदार है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने झूठे आरोप लगाकर अपनी एजेंसियों से अरविंद केजरीवाल को इस लिए गिरफ्तार कराया, क्योंकि वह दिल्लीवालों को मिल रही बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक बुजुर्गों की तीर्थयात्रा, महिलाओ की बस यात्रा समेत अन्य सुविधाएं रोकना चाहती है। इसके बाद भी हमारी सरकार ने एक भी काम नहीं रूकने दिया।
दिलीप पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरी दिल्ली और देश ने देखा है कि भाजपा ने कैसे ईडी-सीबीआई जैसी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करके आम आदमी पार्टी को खरीदने और तोड़ने की कोशिश की। भाजपा जब इन संस्थाओ की मदद से आम आदमी पार्टी को तोड़ नहीं पाई तो पार्टी को बर्बाद और खत्म करने की नीयत से हमारे नेताओं पर बेबुनियाद आरोप लगाए और बिना सबूत के एक-एक कर हमारे नेताओं को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया। दिल्ली की जनता ने चुनाव में एक बार नहीं, बल्कि तीन बार भाजपा को खारिज कर दिया। इसलिए भाजपा ने दिल्ली की जनता से बदला लेने की ठान ली और अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी के नेताओं से नफरत पाल ली। इसके बाद भाजपा ने ईडी-सीबीआई को ‘‘आप’’ नेताओं के पीछे लगा दिया। लेकिन न्यायालय से समाधान निकला और भाजपा के अहंकारी सियासी चेहरे पर तमाचा लगा।
दिलीप पांडे ने कहा कि भाजपा ने पूरी कोशिश की कि किसी भी तरह से नेताओं को गिरफ्तार कर आम आदमी पार्टी को तोड़ दिया जाए। भाजपा चाहती थी कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली की जनता को बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक, बुजुर्गों की तीर्थयात्रा, महिलाओ की बस यात्रा की जो सुविधाएं दी है, उसे रोक दिया जाए। लेकिन भाजपा के इन षड़यत्रों के बावजूद न तो सरकार रूकी और ना ही अरविंद केजरीवाल के सिपाही, विधायक और मंत्री रूके। दिल्ली की जनता के काम लगातार चलते रहे।
दिलीप पांडे ने कहा कि कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारतीय राजनीति के इतिहास में ऐसा नजीर पेश किया है, जो पहले कभी भी नहीं हुआ। सुचिता और आदर्श की राजनीति को एक नई उंचाई पर ले जाते हुए अरविंद केजरीवाल ने फैसला लिया कि भाजपा के फर्जी आरोपों की वजह से इस्तीफा दे रहा हूं और अब मैं जनता की अदालत में जाउंगा। अब दिल्ली की जनता को भी तय करना पड़ेगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगर दिल्ली के लोग भाजपा के बेबुनियाद आरोपों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं, तो मैं तभी सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे, जब प्रचंड जनादेश से मुझे सीएम की कुर्सी पर बैठाएगी। उनकी यह बात बहुत अदभुत और अभूतपूर्व है।
दिलीप पांडे ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी अरविंद केजरीवाल इसी तरह की अभूतपूर्व बात कही थी कि अगर मैंने काम है तो मुझे वोट देना। इस बार अरविंद केजरीवाल ने सुचिता और ईमानदारी की राजनीति को और उपर ले जाते हुए कहा है कि अगर दिल्ली की जनता मानती है कि केजरीवाल ईमानदार है तो मुझे वोट देना और मुख्यमंत्री बनाना। रविवार को दोपहर 12 बजे जंतर मंतर पर जनता की अदालत लग रही है। पूरी दिल्ली की जनता वहां पहुंचेगी। हमें विश्वास है कि दिल्ली के लोग एक स्वर में सर्व सम्मति से कहेंगे कि मेरा केजरीवाल ईमानदार हैं।