आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को जंगपुरा विधानसभा में पदयात्रा कर जनता से सीधा संवाद किया। इस दौरान जनता ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया और बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए उनका धन्यवाद किया। लोगों ने कहा कि शिक्षा से ही दिल्ली का भविष्य बदल रहा है। अरविंद केजरीवाल और आपने दिल्ली की शिक्षा-व्यवस्था बदल दी है। आपने हमारे स्कूल अच्छे कर दिए, हम ‘‘आप’’ को ही जिताएंगे। वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज हर आदमी जानता है कि अरविंद केजरीवाल और मैने मिलकर दिल्ली में खूब काम किया। सरकारी स्कूल ठीक किए और आज बच्चों का भविष्य सुधर रहा है। अगर अरविंद केजरीवाल फिर से मुख्यमंत्री और मैं शिक्षा मंत्री नहीं बना तो बाकी पार्टियां दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद कर देंगी। इस दौरान “आप” के विधायक प्रवीण कुमार समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
जंगपुरा की पदयात्रा में जनता से सीधा संवाद करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि सबको पता है कि अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा इसलिए नहीं दिया कि उन्होंने कोई बेईमानी की है, बल्कि उन्होंने इस्तीफा इसलिए दिया है क्योंकि भाजपा वालों ने उनके ऊपर झूठा लांछन लगाया है। जब भाजपा का झूठा लांछन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो मुझे जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि यह ऐसा केस है जो ट्रायल कोर्ट में दो सवाल भी नहीं झेल पाएगा। इसके बावजूद मुझे 17 महीने जेल में रखा गया। अरविंद केजरीवाल को 6 महीने जेल में रखा गया। इसलिए उन्होंने फैसला लिया कि वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया कि जाओ अपना काम करो, लेकिन फिर भी इन्होंने अपने पद से इस्तीफा इसलिए दिया है क्योंकि वो चाहते हैं कि उनकी ईमानदारी पर एक बार फिर दिल्लीवाले मुहर लगाएं। क्योंकि आपने अरविंद केजरीवाल को ईमानदार होने की वजह से ही चुना था।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सबको यह संदेश दिया है कि भाजपा वाले कुछ भी कहते रहें, लेकिन अगर आप केजरीवाल को ईमानदार मानते हैं, तो उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाएं। आपकी मोहर, आपका वोट इस बार इसलिए होगा कि आप अरविंद केजरीवाल को ईमानदार मानते हैं या नहीं। केजरीवाल एक आईआरएस अधिकारी थे। उन्होंने नौकरी छोड़ दी और झुग्गियों में जाकर काम करने लगे। गरीब लोगों की बिजली के लिए काम करते थे और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ते थे। ईमानदारी के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ी थी। लेकिन भाजपा का यह लांछन वह सहन नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि अगर जनता कहेगी कि केजरीवाल ईमानदार हैं, तभी वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे, नहीं तो नहीं बैठेंगे।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं एक पत्रकार था। मैं भी नौकरी छोड़कर इसलिए राजनीति करने आया था ताकि ईमानदारी से राजनीति करूंगा और देश के बच्चों के लिए अच्छे स्कूल बनवाउंगा, उनके लिए अच्छी शिक्षा की व्यवस्था करूंगा। मेरे ऊपर भी लांछन लगाया गया। मैं अपनी नौकरी छोड़कर यहां पैसा कमाने नहीं आया था। मैं ईमानदारी से बच्चों की शिक्षा के लिए काम करने आया था। इस लांछन से मैं भी आहत हूं। 17 महीने जेल में रहकर आया हूं, लेकिन ईमानदारी से काम किया था। अगर दिल्ली के लोगों को लगता है कि मनीष सिसोदिया ईमानदार है और उसने ईमानदारी से स्कूलों पर काम किया है, तो वोट दे देना। मैं दोबारा शिक्षा मंत्री बनकर काम करूंगा। अरविंद केजरीवाल ने मुझसे कहा कि मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा तो मैंने भी कहा कि मैं भी शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर अभी नहीं बैठूंगा। अब मैं भी शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर दोबारा तभी बैठूंगा, जब दिल्ली की जनता मोहर लगाएगी कि मनीष सिसोदिया ईमानदार है।
मनीष सिसोदिया ने जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर आप हमें ईमानदार मानते हैं, अगर आप मानते हैं कि मैंने आपके बच्चों और आपके भविष्य के लिए काम किया है और मैं फिर से आपके बच्चों के भविष्य के लिए काम करूंगा, तो इस बार फिर वोट देकर सरकार में भेज देना। मैं आपके बच्चों के भविष्य के लिए पांच साल खून-पसीना बहाकर काम करूंगा। अब बात मेरी ईमानदारी पर आ गई है। आपको तय करना है कि मैं ईमानदार हूं या नहीं। आपको बताना है कि मैंने बेईमानी की है या मैं ईमानदार हूं।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की जनता यह जानती है कि किस तरह अरविंद केजरीवाल और मैंने 8-10 साल काम करके स्कूल ठीक कराए हैं। आज उनके बच्चों का भविष्य सुधर रहा है। अगर अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री नहीं बनते हैं या मैं शिक्षा मंत्री नहीं बनता हूं, तो बाकी पार्टियां बच्चों का भविष्य बर्बाद कर देंगी। वह दिल्ली के स्कूल और कॉलेज खराब कर देंगी। इसलिए जरूरी है कि अरविंद केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री बनें।
सिसोदिया से मिल भावुक हुआ ड्राइवर
इस दौरान जंगपुरा में एक ड्राइवर मनीष सिसोदिया से मिलकर भावुक हो गया। उसने बताया कि मैं पेशे से एक ड्राइवर हूं। मेरे बच्चे को दिल्ली के सरकारी स्कूल में अच्छी शिक्षा मिल रही है। उनका भविष्य बन गया। आपने अच्छे स्कूल बनवा दिए। सिसोदिया ने कहा कि इनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। अभी इनको पता चला कि मैं यहां आ रहा हूं, तो घर से निकल कर आए और गले मिलकर रोने लगे, बोले हमारे बच्चों की जिंदगी बन गई, आपने अच्छे स्कूल बनवा दिए।
मनीष सिसोदिया को लोगों का मिला खूब प्यार-आशीर्वाद
पदयात्रा के दौरान मनीष सिसोदिया को स्थानीय लोगों से खूब प्यार और आशीर्वाद मिला। लोगों ने पुष्प वर्षा कर ढोल नगाड़ें के साथ उनका स्वागत किया। सिसोदिया स्थानीय विधायक प्रवीण कुमार के साथ सड़कों पर आगे बढ़ते हुए एक -एक कर सभी दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, महिलाओं, बच्चों और बुजर्गों से बातचीत कर उनका हालचाल लिया। इस दौरान कई लोगों ने उनस हाथ मिलाया और अपने प्रिय नेता के साथ सेल्फी ली।
स्कूली बच्चों ने कहा, ‘‘थैंक्यू मनीष सर’’
पदयात्रा के दौरान लोगों ने कहा कि चाहें कोई भी आ जाए लेकिन हम आम आदमी पार्टी को ही जिताएंगे। आपने हमारे स्कूल अच्छे किए हैं। स्कूल के कई बच्चें भी मनीष सिसोदिया के पोस्टर्स लेकर उनसे मिलने के लिए आए थे। बच्चों ने स्कूलों में पढ़ाई अच्छी कराने के लिए मनीष सिसोदिया का गुलाब का फूल देकर धन्यवाद कहा। कई बच्चों ने उनसे आटोग्राफ भी लिए। एक बच्चे ने उन्हें शिवाजी महाराज की तस्वीर बनाकर भेंट की।