भाजपा के एलजी द्वारा बार-बार गैर कानूनी तरीके से दिल्ली नगर निगम में स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराने के प्रयास पर आम आदमी पार्टी ने संवैधानिक अधिकारों का आइना दिखाया है। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि एमसीडी में भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराना पूरी तरह से असंवैधानिक है और हम इसका बहिष्कार करेंगे। गुरुवार को एमसीडी की मेयर ने 5 अक्टूबर तक सदन स्थगित कर दिया था। इसके बाद भी एलजी साहब ने जबरदस्ती गुरुवार को देर रात तक चुनाव कराने की कोशिश की। अब एलजी साहब ने एमसीडी कमिश्नर से लेटर जारी करवाया है कि एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में शुक्रवार को दोपहर एक बजे चुनाव होगा। जबकि एमसीडी एक्ट के अनुसार, बैठक की अध्यक्षता सिर्फ मेयर, डिप्टी मेयर या वरिष्ठ पार्षद ही कर सकता है, कोई आइएएस अफसर नहीं। वहीं, मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव 5 अक्टूबर को ही होगा।
आम आदमी पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा पूरी तरह से लोकतंत्र को तार-तार कर रही है। भाजपा द्वारा लोकतंत्र, संविधान और भारत की आत्मा की हत्या के रोज नए कारनामे किए जा रहे हैं। गुरुवार को एमसीडी की मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय पूरे दिन स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराने की कोशिश करती रहीं, लेकिन नहीं हो पाया। इसके बाद मेयर ने अपने अधिकारों का उपयोग कर स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव की अगली तारीख तय कर दी। यह संवैधानिक रूप से मेयर के अधिकार क्षेत्र में आता है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि मेयर द्वारा सदन स्थगित किए जाने के बावजूद एलजी साहब ने गुरुवार की रात एमसीडी के कमिश्नर को रात 10 बजे तक स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए। एलजी साहब ने यह भी आदेश दिए कि अगर मेयर न मिले तो डिप्टी मेयर या किसी वरिष्ठ पार्षद की अध्यक्षता में चुनाव करा दिया जाए। इसके बाद रात भर भाजपा के लोग एमसीडी में बैठे रहे। जबकि आम आदमी पार्टी और कंाग्रेस के पार्षद अपने-अपने घर चले गए थे। इसके बाद शायद भाजपा को बुद्धि आई और उन्होंने रात में चुनाव को टाल दिया। लेकिन अब ये लोग आज (शुक्रवार) दोपहर एक बजे चुनाव करवाने जा रहे हैं। आखिर यह क्या षड़यंत्र है और इनका क्या लुटा जा रहा है, जो तय तारीख पर चुनाव कराने के बजाय पहले कराने के लिए उतावले हैं। इसके पीछे इनके अंदर कुछ तो बौखलाहट है। तभी ये रात को 10 बजे मेयर या डिप्टी मेयर की अनुपस्थिति में भी चुनाव कराने पर अड़े थे।
मनीष सिसोदिया ने कहा अब और लोेकतंत्र की हत्या की कोशिश की जा रही है। क्योंकि अब ये लोग कह रहे हैं कि मेयर, डिप्टी मेयर और वरिष्ठ पार्षद को भी छोड़ो, अब एमसीडी के एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में दोपहर एक बजे स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव करा लो। यह सबसे खतरनाक है। एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में चुनाव कैसे हो सकता है। दिल्ली नगर निगम एक कॉरपोरेशन है और यह एक चुने हुए लोगों की ईकाई है। एमसीडी में चुने हुए लोगों का हाउस है। चुने हुए लोगों के हाउस की अध्यक्षता चुने हुए मेयर, डिप्टी मेयर या चुने हुए लोग अपने बीच में से जिनका चुनेंगे, वह करेगा। कोई अधिकारी हाउस की अध्यक्षता नहीं कर सकता है। किसी अधिकारी के पास हाउस की अध्यक्षता करने की कभी पावर ही नहीं हो सकती है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि चंडीगढ़ मेयर के चुनाव में अनिल मसीह ने भी इसी तरह कानून और संविधान की इज्जत तार-तार की थी। इसी तरह, एमसीडी के कमिश्नर जिस तरह से आदेश पारित कर रहे हैं और लिख रहे हैं कि एलजी के कहने पर आदेश पारित कर रहा हूं। एलजी निश्चित रूप से एलजी के कहने पर आदेश दे रहे हैं। ये संविधान और कानून की इज्जत तार-तार कर रहे हैं। कैसे किसी चुने हुए हाउस की बैठक किसी अधिकारी की अध्यक्षता में बुलाई जा सकती है। ऐसा देश-दुनिया के इतिहास में कहीं भी नहीं हुआ है। कॉरपोरेशन, विधानसभा या संसद के चुने हुए सदस्यों की बैठक की अध्यक्षता केवल चुनाव हुआ व्यक्ति ही कर सकता है। उसका स्पीकर, डिप्टी स्पीकर कर सकता है। इसलिए भाजपा के बारे में कहा जाता है कि ये लोग संविधान और लोकतंत्र की इज्जत नहीं करते हैं। कल को अगर भाजपा चाहे कि किसी विधानसभा के स्पीकर उपस्थित न हो या उन्होंने कोई दिन तय कर रखी हो तो स्पीकर की जगह किसी एडिशनल सेक्रेटरी की अध्यक्षता में विधानसभा की बैठक कराई जा सकती है? क्या संसद की बैठक एडिशन सेक्रेटरी या सेक्रेटरी की अध्यक्षता में कराई जा सकती है? यह तो इन्होंने लोकतंत्र का मजाक बना दिया है। लोग अपने प्रतिनिधि चुनते हैं। संसद, विधानसभा या नगर निगम परिषद की बैठक में चुने हुए लोकतांत्रिक तरीके से फैसला लेते हैं। लेकिन ये लोग चुने हुए लोगों की अध्यक्षता अधिकारियों से करवाना चाह रहे हैं। भाजपा भारतीय लोकतंत्र को जितना शर्मसार किया है, उसका बयान करना मुश्किल है।
मनीष सिसोदिया ने एलजी साहब ने गुरुवार को एमसीडी आयुक्त से लेटर जारी करवाया है। एमसीडी कमिश्नर अश्वनी कुमार यहां के मॉर्डन मसीह हैं, जो एलजी के कहने पर गैर लोकतांत्रित तरीके से कुछ भी लेटर जारी कर सकते हैं। वह भी खुदा बन गए हैं। एमसीडी आयुक्त ने लेटर जारी कर कहा है कि एमसीडी के एडिशनल कमिश्नर जितेंद्र यादव दोपहर एक बजे सदन की बैठक की अध्यक्षता करंेंगे। एमसीडी का अपना एक्ट है और यह इसी एक्ट से चलता है। एमसीडी एक्ट के सेक्शन 74 में स्पष्ट लिखा है कि सदन की बैठक बुलाने का अधिकार केवल मेयर की है और उसकी अध्यक्षता मेयर, डिप्टी मेयर या दोनों की अनुपस्थिति में कोई वरिष्ठ काउंसिल मेंबर कर सकता है। वरिष्ठ पार्षद भी अध्यक्षता तब कर सकता है, जब चुने हुए सभी लोग तय करेंगे। लेकिन एलजी और कमिश्नर को यह तय करने की कहीं पावर नहीं है। एडिशनल कमिश्नर को बैठक की अध्यक्षता करने का आदेश देना चुनाव और लोकतंत्र का मजाक है। ऐसे तो भविष्य में यह लोग अधिकारियों से ही विधानसभा और संसद की बैठक की भी अध्यक्षता कराएगी।
मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा से प्रश्न किया कि कल को अगर पीएम नरेंद्र मोदी या स्पीकर उपस्थित नहीं हों तो क्या आइएएस अधिकारी संसद के बैठक की अध्यक्षता कर सकता है। अगर कोई आइएएस अधिकारी संसद के बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकता है तो फिर किसी आइएएस अधिकारी से एमसीडी में बैठक की अध्यक्षता कैसे कराई जा रही है। भाजपा को इस पर शर्म करनी चाहिए। भाजपा को संविधान की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। हालांकि देश की जनता ने भाजपा को सत्ता से उतारना शुरू कर दिया है, लेकिन ऐसा न हो कि सत्ता से उतरते-उतरते ये लोग संविधान को पूरी तरह से तार-तार कर दें। आम आदमी पार्टी 5 अक्टूबर को निर्धारित स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में भाग लेगी। एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराना असंवैधानिक है और आम आदमी पार्टी इसमें भाग नहीं लेगी।
मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने कहा कि भाजपा असंवैधानिक तरीके से बार-बार नगर निगम के हाउस को चलाने की कोशिश करती आई है। गुरुवार को देर रात जो आदेश शुक्रवार को दोपहर एक बजे चुनाव कराने का निकला, वह पूरी तरह से असंवैधानिक है। मेयर होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी बनती है कि स्टैंडिंग कमेटी के छठें सदस्य का चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। मैंने एमसीडी कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर निर्देश दिए हैं कि आज का चुनाव पूरी तरह से गैर कानूनी है। गुरुवार को सदन में मैंने स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराने की तारीख 5 अक्टूबर तय की है और यह चुनाव 5 अक्टूबर को ही होगा। भाजपा को यह समझना पड़ेगा कि वह जिस तरह से एमसीडी को चलाने का प्रयास कर रही है और बार-बार हस्तक्षेप कर रही है, वह पूरी तरह से असंवैधानिक है। जिस तरह अधिकारियों पर दबाव डाल कर आम आदमी पार्टी को परेशान किया जा रहा है, इसे दिल्ली की जनता पूरी तरह से समझ चुकी है। हम पांच अक्टूबर को ही चुनाव करवाएंगे।