आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगवार को पार्टी के निगम पार्षदों से मुलाकात की। इस दौरान उन्हों ने पार्षदों को दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हर चुनाव कठिन होता है। इसलिए हमें अति- आत्मविश्वास से बचना है और किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेना है। दिल्ली विधानसभा का चुनाव काफी करीब है। हमें मिलकर मेहनत करनी है और दिल्ली का चुनाव जीतना है। एमसीडी में हमारी सरकार है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि हम दिल्ली को साफ-सुथरा रखें। सभी पार्षद अपने-अपने इलाके में सुनिश्चित करें कि रोजाना कूड़ा उठाया जाए और झाडू लगे। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी पार्षदों को इतिहास से सीख लेने के लिए प्रेरित किया।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने निगम पार्षदों के साथ संवाद करते हुए कहा कि पिछले दो साल आम आदमी पार्टी के लिए बहुत कठिन समय रहे। जिस तरह का हमला हम पर किया गया, शायद भारतीय राजनीति के इतिहास में ऐसा उदाहरण नहीं मिलता, जब किसी सरकार ने किसी पार्टी पर इस तरह का हमला किया हो। मुझे भी जेल में डाल दिया, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन, संजय सिंह और सत्येंद्र जैन को भी जेल में डाल दिया। सोमवार को पंजाब के हमारे एक सांसद के यहां रेड कर दी गई। ऐसा लगता है मानों ये लोग हमें लेकर पगला गए हैं। उनने दिमाग में क्या चल रहा है, ये तो मुझे नहीं पता लेकिन यह भ्रष्टाचार या किसी गलत काम के खिलाफ जांच नहीं चल रही है। प्रधानमंत्री जी ने ठान लिया है कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को खत्म करना है।
अरविंद केजरीवाल कहा कि मोदी जी बहुत पावरफुल हैं। मोदी जी के पास अथाह पैसा है, लेकिन वह भगवान नहीं है। इस दुनिया में भगवान तो है और वह हमारे साथ है। यह लड़ाई मोदी जी और भगवान के बीच में है। अंत में जीत तो भगवान की ही होगी। दिसंबर के महीने में एक पत्रकार मोदी जी से मिलने के लिए गया था, उसने वापस आकर बताया कि अब केजरीवाल गिरफ्तार हो जाएगा। इसके बाद हम इनके एमएलए तोड़ लेंगे और दिल्ली की सरकार गिरा देंगे। इसके बाद पंजाब के एमएलए तोड़ लेंगे और पंजाब की सरकार गिरा देंगे। फिर काउंसलर तोड़ लेंगे और एमसीडी से भी इनकी सरकार गिरा देंगे। और इनकी पार्टी खत्म हो जाएगी। लेकिन भगवान सुन रहा था। भगवान भी सब देख रहा था। मोदी जी ने मुझे गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन न दिल्ली सरकार टूटी, न कोई एमएलए टूटे, न पंजाब सरकार टूटी, न पंजाब के एमएलए टूटे और न ही एमसीडी टूटी। इस तरह आम आदमी पार्टी को खत्म करने के उनके मनसूबे खराब हो गए। यही दिखाता है कि भगवान आपके साथ है।
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर भगवान हमारे साथ नहीं होता तो एक इतना ताकतवर आदमी जिसने ऐसे प्लान बनाए थे और वह सारे सफल हो जाते तो आम आदमी पार्टी और हमारी सरकार भी टूट जाती। लेकिन हम नहीं टूटे। उनके मंसूबे सफल नहीं हुए। यह बहुत कठिन समय था। हमारे कार्यकर्ताओं-नेताओं ने बड़ी हिम्मत दिखाई और नहीं टूटे। दो चार लोग टूटे, लेकिन मैंने पार्षद रामचंद्र की अखबार खबर पढ़ी थी, जिसमें बड़ी हेडलाइन छपी थी जिसमें रामचंद्र कह रहे थे कि कल रात को केजरीवाल मेरे सपने में आए थे। मुझे यह पढ़ के अच्छा लगा। मुझे लगा कि अगर जेल में बेठकर मैं आप लोगों को प्रेरणा दे रहा हूं तो बहुत अच्छी बात है। मैंने अंदर रहने के दौरान कई बार गीता पढ़ी। आप लोग भी उसे पढ़ना। उससे बहुत प्रेरणा और शांति मिलती है। जब आप बड़ी कठिन परिस्थिति में होते हैं तो उसमें समाधान मिलता है। और आदमी को बड़ी कठिन से कठिन समस्या का सामना करने का उपाय मिलता है।
अरविंद केजरीवाल ने पार्षदों से कहा कि जिसे टिकट मिल गई, वह भी दुखी है, और जिसे टिकट नहीं मिली, वह भी दुखी है। जो जीत गया, वह फिर भी दुखी है और जो हार गया, वह भी दुखी है। जीतने वाला सोच रहा है कि उसे एमएलए की टिकट मिल जाए। हालांकि ऐसा नहीं है कि एमएलए खुश हैं। वे भी दुखी हैं। अब एमएलए सोचता है कि वह मंत्री बन जाए। जितने मंत्री हैं, वे भी दुखी हैं। यहां तक कि सारे मुख्यमंत्री भी दुखी हैं और प्रधानमंत्री तो सबसे ज्यादा दुखी हैं। प्रधानमंत्री को समझ नहीं आ रहा है कि इस केजरीवाल को कैसे काबू करें, जबकि केजरीवाल एक छोटा सा आदमी है। इसलिए, जिंदगी में सबसे जरूरी चीज खुश रहना है। वरना कभी इस टिकट के लिए तो कभी उस टिकट के लिए लड़ते रह जाएंगे या यह सोचते रहेंगे कि एमएलए बन जाऊं या मंत्री बन जाऊं, लेकिन इससे कभी खुशी नहीं मिलेगी। इसलिए, खुशी तो आज जो जैसा है, उसी में मिलती है। यह गीता की सबसे बड़ी सीख है। इसलिए जिसके पास आपसे कम है, उसकी तरफ देखो। इससे आपको यह पता चलेगा कि मुझे तो भगवान ने ज्यादा दिया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब मैं जेल में था तो लगता था कि पता नहीं कब निकलेंगे। तब मुझे मनीष सिसोदिया ध्यान आता था, उसे तो डेढ़ साल हो गए। मेरा तो परिवार ठीक-ठाक है। इनकी पत्नी इतनी बीमार थीं। इसके बावजूद यह शख्स टूटा नहीं। मुझे पता है कि इन्हें उन लोगों ने कई बार संपर्क किया कि केजरीवाल का साथ छोड़कर हमारी पार्टी में आ जाओ, हम तुम्हें जेल से बाहर निकाल देंगे, लेकिन ये टूटा नहीं। मुझे इससे प्रेरणा मिलती थी। इसलिए जिस व्यक्ति का संघर्ष आपसे ज्यादा है या भगवान ने उसे आपसे कम दिया है। वो आपको प्रेरणा देता है। वरना आप देखोगे कि जिस व्यक्ति को भगवान ने आपसे ज्यादा दिया है, वो भी दुखी है, इससे सीख मिलती है कि ज्यादा हाय-तौबा करने से खुशी नहीं मिलती है। बल्कि सेवा करने से खुशी मिलेगी। इसलिए केवल सेवा करो।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा वाले हरियाणा में जाकर कांग्रेस को गालियां दे रहे थे। लेकिन इन्होंने 10 साल में हरियाणा में क्या किया? अपने काम गिनाने चाहिए थे। लेकिन भाजपा के पास पिछले 10 साल में गिनाने के लिए एक भी काम नहीं है। प्रधानमंत्री जी ने अभी लोकसभा चुनाव लड़ा। वह 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री थे, लेकिन उनके पास गिनाने के लिए अपना एक भी काम नहीं था। वो अपने भाषणों में कभी बोलते थे कि ये टोटी चोरी करके भाग जाएंगे, तो कभी बोलते थे कि ये आपकी भैंस चोरी करके भाग जाएंगे। यह बहुत शर्मनाक बात है। वहीं, आम आदमी पार्टी की जब बात आती है तो आप पूरे देश में कहीं भी चले जाओ, लोग कहते हैं कि इन्होंने दिल्ली के स्कूल अच्छे कर दिए। इन्होंने मोहल्ला क्लीनिक बना दिए, अस्पताल अच्छे कर दिए, बिजली फ्री कर दी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पूरे देश में सब जानते हैं कि आम आदमी पार्टी ने बिजली, पानी, अस्पताल, स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक, सीसीटीवी, बुजुर्गों की मुफ्त तीर्थ यात्रा और महिलाओं की फ्री बस यात्रा की सुविधाएं दीं है। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमारा संतोष ये है कि हमने जो काम किए, 75 साल में कोई नहीं कर पाया। कल जब मरेंगे तो सूकून है। ऊपर वाले के दरबार में जाकर हम कह पाएंगे कि हमने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी थी, उन्हें पढ़ाया था। इसलिए हमें खुश रहना है। जितना भगवान ने दिया है, उसी से सेवा करने की कोशिश करो। हालांकि हम कोशिश करेंगे कि और फंड मिले, स्टैंडिंग कमीटी मिले और पावर भी मिले।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कल तक तो हम कुछ भी नहीं थे। मैं और मनीष सिसोदिया दिल्ली की झुग्गियों में घूमा करते थे। कभी शीला दीक्षित से काम करा लिया करते थे, धरने दे-देकर काम करा लिया करते थे। आज तो फिर भी कोई काउंसलर, एमएलए, मंत्री या मुख्यमंत्री है। आज तो हम ज्यादा काम करा सकते हैं। आप अपने तन-मन-धन से जनता की जितनी सेवा कर सकते हो, आखिर में काम यही आएगी। अगले तीन-चार दिन इस सेवा भाव से जी कर देखना, बहुत सूकून मिलता है। मैंने जेल में रहने के दौरान बहुत बार गीता पढ़ी। इसलिए जबसे मैं बाहर आया हूं, बहुत सूकून में रह रहा हूं। जितना भगवान ने दिया है, खुश रहो, जनता की सेवा करो और देश की सेवा करो।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब चुनाव आने वाले हैं। किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। आज की सबसे बढ़ी सीख यही है कि कभी भी अति आत्मविश्वास मत करना। किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हर चुनाव कठिन होता है। हर चुनाव में हर सीट कठिन होती है। हमें मिलकर मेहनत करनी है। हम एमसीडी में हैं, इसलिए हमारी बेसिक जिम्मेदारी बनती है कि दिल्ली को साफ सुथरा रखें। अपने-अपने इलाके में घूम-घूम कर आप ध्यान रखे कि रोजाना कूड़ा उठाया जाए और झाडू लगे। अगर आप इतना काम करा देंगे तो मुझे उम्मीद है कि हम चुनाव जीत जाएंगे।
उधर, ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम इतिहास बना रहे हैं। इस वक्त देश में तीन-चार हजार एमएलए हैं और न जाने कितने हजार काउंसलर होंगे। देखने में लग सकता है कि हमारा अपना वजूद छोटा है। हम तो अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन ये हकीकत है कि हम एक बहुत बड़ी राजनीतिक कहानी का हिस्सा बन चुके हैं। आज हम 2024 में है। क्या 100 साल पहले 1924 में भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद को इस बात का एहसास भी होगा कि वो कितने बड़े इतिहास का हिस्सा बन रहे हैं। उस वक्त तो वो लड़कपन में थे। भगत सिंह और चंद्रशेखर को देश से प्यार था और उनके दिल में देश के लिए कुछ करने का साहस था, चाहे उसके लिए जान भी देनी पड़े। वैसे ही, आप एक बड़ी एतिहासिक कहानी का हिस्सा हैं।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली नगर निगम को बने कितने साल हो गए। 57 से आज तक दिल्ली नगर निगम की कभी इतनी चर्चा हुई थी, जितनी ‘‘आप’’ की वजह से हो रही है। माना कि हम पार्षद और एमएलए अभी बने हैं लेकिन राजनीतिक कीड़ा तो पहले से ही था। आप चाहें या न चाहें, लेकिन ये सुर्खियां आगे आने वाले इतिहास में लिखी जाएंगी। इन सुर्खियों पर चर्चाएं हो रही होंगी कि किसी समय अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में एक सेना आई थी और वह डट कर लड़ती थी। जब मैं जेल में था, मेरे पास एक बहुत बड़ा आदमी आया। उसने कहा कि मनीष जी देख लो, आपको ये लोग सड़ा देंगे। दिल्ली चुनाव से पहले तो नहीं निकलने देंगे। मैंने उनसे कहा कि मैंने यह भगवान पर छोड़ रखा है, मैं सड़ने वाला नहीं हूं, क्योंकि मेरी आत्मा नहीं सड़ेगी। मैं तो जंतर-मंतर पर अखबार बिछाकर सोता था। जेल में कम से कम दरी और पंखा चल रहा है। मैंने उनसे कहा कि आप सड़ने के बारे में बोलकर डराओ मत। मैं एक बड़ी एतिहासिक घटना का हिस्सा हूं।
हर राज्य का बजट घाटे में है, जबकि दिल्ली में इतनी रेवड़ियां देने के बाद भी बजट मुनाफे में है- गोपाल राय
दिल्ली प्रदेश संयोजक व मंत्री गोपाल राय ने कहा कि भाजपा ने जब अपना चक्रव्यूह रचा तो सोचा कि अरविंद केजरीवाल अभिमन्यु हैं, जो राजनीतिक रणनीतियां नहीं जानते हैं। लेकिन बीजेपी एक जगह विफल हो गई कि अरविंद केजरीवाल अभिमन्यु नहीं, बल्कि भारत के परिवर्तन के नए अर्जुन हैं, जो परास्त करके ही छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जेल जाने से पहले हमने अरविंद केजरीवाल से कसम खिलवाई थी कि वो जेल से इस्तीफा नहीं देंगे और उन्होंने जेल से सरकार चलाई। आजादी के बाद से कितने ही मुख्यमंत्री बने और आगे भी बनेंगे लेकिन वे काम नहीं कर पाएंगे। भारत के हर राज्य का बजट घाटे में जाता है और दिल्ली के अंदर इतनी रेवड़ियां देने के बाद भी बजट दोगुना हो जाता है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के पास जेल से आने के बाद जब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर सत्ता को संचालित करने का अवसर था तो उन्होंने फैसला लिया कि जब तक दिल्ली की जनता उनकी ईमानदारी पर मुहर नहीं लगाती है वे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। एक नया इतिहास लिखा जाएगा कि अगर केजरीवाल के अंदर इतनी हिम्मत है कि वह कुर्सी छोड़ सकते हैं तो दिल्ली के लोगों की भी यह मोहब्बत है कि प्रचंड बहुमत से उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बना सकते हैं।
दिल्ली के चुनाव हमें मिलकर भाजपा भाजपा की साजिशों का सामना करना है और हर विधानसभा को जीतना है- डॉ. शैली ओबेरॉय
इस दौरान मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने कहा कि पिछले दो साल में हमें काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भाजपा ने 15 साल एमसीडी में राज किया, लेकिन जब उसे लगने लगा कि अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी का एक माहौल बन रहा है और अब हम एमसीडी में भी आने वाले हैं तो उसने सबसे पहली साजिश करके डीलिमिटेशन लगाई। 272 में से हमारी 270 सीटें आतीं, लेकिन डीलिमिटेशन करके उसे 250 कर दिया गया। इन लोगों ने पूरी कोशिश की कि एमसीडी में किसी तरह आम आदमी पार्टी की सरकार न बने। लेकिन इनकी यह साजिश फेल हुई और एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। भाजपा ने मेयर, डिप्टी मेयर, स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव से लेकर अभी हाल ही में स्टैंडिंग कमेटी के छठें सदस्य के चुनाव में अधिकारियों पर दबाव डालकर अकेले चुनाव कराने की कोशिश की। इसके बाद हम इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर गए। कोर्ट ने पूरे मामले का संज्ञान लिया। कोर्ट से संविधान और लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश के लिए एलजी को फटकार लगाई। अब उस पर रोक लगा दी गई है। हमारे नेताओं को खूब परेशान किया गया, उन्हें जेल में डाला गया, लेकिन आप लोगों ने डटकर इनके खिलाफ लड़ाई लड़ी। अब हमारे लिए फिर इम्तहान की घड़ी है। दिल्ली विधानसभा के चुनाव हैं और भाजपा फिर साजिश करने की कोशिश करेगी। विधानसभा चुनाव में भी हम सबको मिलकर भाजपा का सामना करना है और हमें अपने एक-एक विधायक को जितवाना है। हमें मिलकर अरविंद केजरीवाल के कामों को जारी रखना है।