दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित ‘जनता की अदालत में केजरीवाल’ सभा के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि जेल में भाजपा ने मुझे अरविंद केजरीवाल से अलग करने के लिए तमाम धमकियां और लालच दिलवाए, लेकिन मैंने उसका संदेश लेकर आने वालों को जवाब दिया कि दुनिया के किसी रावण में इतनी ताकत नहीं है, जो लक्ष्मण को राम से अलग कर सके और जब तक अरविंद केजरीवाल तानाशाही के रावण के खिलाफ राम बनकर यह लड़ाई लड़ते रहेंगे, तब तक मैं लक्ष्मण बनकर इनके साथ खड़ा रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं भी केजरीवाल के साथ जनता की अदालत में जाउंगा और तभी उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठूंगा जब जनता हमारी ईमानदारी पर मुहर लगा देगी। दिल्ली में अभी शिक्षा पर बहुत काम होना, अब शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर तभी बैठेंगे जब जनता हमारी ईमानदारी पर मुहर लगा देगी।
केजरीवाल के बाहर आने से दिल्लीवाले खुश हैं, लेकिन अब वह मुख्यमंत्री नहीं हैं, इस बात से दुखी भी हैं- सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज दिल्ली के लोग बहुत खुश हैं कि वह अब जेल से बाहर हैं, लेकिन इस बात से दुखी भी हैं कि अब वह दिल्ली के मुख्यमंत्री नहीं हैं। दिल्लीवालों को यह यकीन है कि अगले तीन-चार महीने बाद दोबारा अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री होंगे। हम सबको खुशी इस बात की है कि तानाशाह के ताले को तोड़कर भ्रष्टाचार के काल केजरीवाल हम सबके बीच में आ गए हैं। मैं 17 महीने जेल में था और बाहर आया तो खुशी हुई, लेकिन तब सबसे ज्यादा खुशी हुई, जब अरविंद केजरीवाल बाहर आए। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट तक ने कह दिया कि यह झूठा केस है। जब केस का ट्रायल शुरू होगा तो दो सवाल भी झेल नहीं पाएगा। इस केस में इतनी झूठी कहानी लिखी हुई है।
इन्होंने झूठे बयानों के आधार पर केजरीवाल, मुझे और संजय सिंह को जेल में डाला- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि इन्होंने मेरा और अरविंद केजरीवाल का घर, ऑफिस सब छान मारा, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। जब कुछ नहीं मिला तो इन्होंने कुछ लोगों को पकड़ कर जेल में डाला। इन्होंने उन लोगों से बोला कि जेल से बाहर आना चाहते हो तो अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान दे दो, वरना जेल में सड़ाकर मार डालेंगे। उनमें से एक-दो लोगों ने झूठा बयान दे दिया और उस झूठे बयान के आधार पर मुझे, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह को जेल में डाल दिया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया कि इन बयानों से कुछ नहीं होता है। जब ट्रायल चलेगा तो यह केस दो सवालों में खत्म हो जाएगा।
जेल में मुझे संदेश आते थे कि राजनीति में कोई किसी का नहीं होता, आप भाजपा में आ जाओ- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल, मुझे या संजय सिंह को जेल में डालने के पीछे भ्रष्टाचार कोई कारण नही नहीं था। बल्कि जेल में डालने के पीछे हमें परेशान करना, दिल्ली के काम को रोकना था। इनका मकसद एक ही था कि जेल में डाल कर इनको अंदर-बाहर से तोड़ो, इनकी हिम्मत को तोड़ो, इनकी टीम को तोड़ो। हमारी न तो अंदर से हिम्मत टूटी और न बाहर पार्टी टूटी। इसी बात से सब लोग उत्साहित हैं। कई लोगों ने मुझसे कहा कि भाजपा में आ जाओ। ये लोग जेल में सड़ाकर मार डालेंगे। इनको आप जानते नहीं हैं। जेल में कब तक पड़े रहेंगे। कहते थे कि राजनीति में तो ऐसे ही होता है, कोई किसी के बारे में नहीं सोचता है। आपको जेल से बाहर आना है तो इनकी बात सुननी चाहिए। ये लोग कहते थे कि मुझे पता है कि आपकी पत्नी बीमार है, बेटा अभी कॉलेज में पढ़ रहा है। आप अपने परिवार के बारे में सोचो, आप जेल में रहकर परेशान हो जाओगे।
इन्होंने मेरे बैंक खाते फ्रीज कर दिए, मुझे बेटे की फीस भरने के लिए लोगों के सामने हाथ फैलाने पड़े- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि जब मैं पत्रकार था, तब मैंने 2002 में पांच लाख में एक छोटा सा घर खरीदा था। उस घर को भी इन्होंने मुझसे छीन लिया, अपने कब्जे में कर लिया। मेरे बैंक खाते में सैलरी के 10 लाख रुपए पड़े थे, उस पैसे को भी इन्होंने अपने कब्जे में कर लिए। मेरा बेटा कॉलेज में पढ़ता है, मुझे उसकी फीस भरने के लिए लोगों के सामने हाथ फैलाने पड़े कि मुझे बेटे की फीस देनी है, मेरा बैंक अकाउंट ईडी ने फ्रीज कर दिया है। ये लोग इस तरह से मुझे मानसिक तौर पर परेशान करते थे। क्योंकि इनकी कोशिश थी कि मनीष सिसोदिया टूट जाए, लेकिन मैं भी अरविंद केजरीवाल की टीम में सच्चा सिपाही हूं। मैं टूटा नहीं, घबराया नहीं।
मुझे केजरीवाल से अलग करने के लिए सीबीआई ने कोर्ट में झूठ बोला कि उन्होंने सारा आरोप मेरे ऊपर डाल दिया है- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि जब मैं अंदर से नहीं टूटा तो इन्होंने बाहर से तोड़ने की कोशिश की। मुझे मैसेज देकर कहते थे कि आपको पता नहीं, आपको तो अरविंद केजरीवाल ने फंसा दिया है। मैं उनको जवाब देता था कि मुझे तो अरविंद केजरीवाल ने 26 साल पहले ही फंसा दिया था और मैं उसी काम में लगा हुआ हूं। इनकी बेशर्मी देखिए कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करनेे के बाद सीबीआई ने कोर्ट में झूठ बोला कि अरविंद केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया का नाम ले लिया है, सारा आरोप मनीष सिसोदिया पर डाल दिया है। उसी दिन सीबीआई मुझे आकर कहा कि अब तो केजरीवाल ने आपका नाम ले लिया है। इसलिए बेहतर होगा कि आप भी अरविंद केजरीवाल का नाम ले लो तो आप बच जाओगे। मैं इनकी सारी साजिशों पर सिर्फ मुस्कुराता था और इनसे कहता था कि जब कुछ गलत हुआ ही नहीं तो मैं किस चीज में अरविंद केजरीवाल का नाम ले लूं। जब मैंने कुछ गलत किया ही नहीं है तो अरविंद केजरीवाल ने मेरा क्या नाम लिया होगा? जो लोग इनका मैसेज लेकर मेरे पास आते थे, मैं उनसे कहता था कि आप जानते हैं कि आप क्या कह रहे हैं, आप लक्ष्मण से राम को अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। मैने भाजपा वालों को जवाब दिया कि आप लक्ष्मण को राम से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कोशिश बंद कर दो। क्योंकि दुनिया के किसी भी रावण में इतनी ताकत नहीं है कि लक्ष्मण को राम से अलग कर सके।
जब मैंने गद्दारी करने से इंकार किया तो इन्होंने मुझे और केजरीवाल को 18 महीने अलग रखा- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि जेल में इन्होंने मुझे अंदर से और पार्टी से तोड़ने की बहुत कोशिश की। मैं इनसे कहता था कि मेरी अरविंद केजरीवाल से 26 साल की दोस्ती है, मेरे भाई हैं, मेरे राजनीतिक गुरु हैं और मैं अरविंद केजरीवाल के साथ गद्दारी नहीं कर सकता। मैंने यह बात अपन पत्नी को भी बताई। मैंने अपनी पत्नी से कहा था कि मैं ऐसे आदमी का साथ कैसे छोड़ सकता हूं। मैं कार्यकर्ताओं और जनता के बीच क्या मुंह दिखाउंगा। मेरी पत्नी ने कहा कि कार्यकर्ताओं और अपने आपको तो छोड़ो, अगर अरविंद केजरीवाल के साथ गद्दारी करने के बारे में सोचोगे तो मुझे क्या मुंह दिखाओगे? उनको भी पता था कि हमारी 26 साल की दोस्ती टूट नहीं सकती। इसलिए इन्होंने मुझे और अरविंद केजरीवाल को 18 महीने अगल रखा। 26 साल की दोस्ती में मैं और अरविंद केजरीवाल 18 महीने क्या, 18 घंटे भी कभी अलग नहीं रहे। रोज हम मिलते थे और रोज देश के बारे में बात करते थे। हर जगह इकट्ठा लड़ते थे। लेकिन इन दुष्टों ने मुझे अरविंद केजरीवाल को 18 महीने तक अलग रखा।
अगर रामायण में कभी राम-लक्ष्मण अलग होते और दोबारा मिलते तो ऐसे ही मिलते, जैसे बाहर आने के बाद मैं और केजरीवाल मिले- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि 18 महीने बाद 13 सितंबर को हम जब मिले तो अरविंद केजरीवाल को देखकर मेरा दिल भर आया। अरविंद केजरीवाल ने मुझे गले लगाया। वह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हमारी इस दोस्ती को भाजपा वाले तोड़ने चले थे। मैं उस फोटो को देखकर राम चरित मानस में इस घटना क्रम के बारे में सोच रहा था कि वैसे तो कभी राम और लक्ष्मण अलग नहीं हुए, लेकिन अलग होते तो ऐसे ही मिलते, जैसे मैं और अरविंद केजरीवाल जिस भाव से मिले थे। उनकी तश्वीर भी ऐसे ही आती। शाम को सारे विधायक, मंत्री साथ बैठे। कुछ देर बात सब जाने लगे तो अरविंद केजरीवाल ने मुझे कुछ देर तक बैठने के लिए कहा। हमारे पास बहुत कुछ बात करने के लिए था।
जब हम मिले तो याद किए कि कैसे हमने 26 साल पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि 13 सितंबर को हमने बातें कि किस तरह 26 साल पहले परिवर्तन की लड़ाई शुरू की थी। उस दिल्ली विद्युत बोर्ड हुआ करता था। विद्युत बोर्ड के सामने मैं और अरविंद केजरीवाल जाकर टेबल चेयर लगाते थे और लोगों से कहते थे रिश्वत मत देना। हमने कानून पढ़ रखा है, अगर कोई अधिकारी रिश्वत मांगता है तो हम एप्लिकेशन लिखेंगे। दिन भर में 50-60 लोगों की एप्लीकेशन लिखवाते थे। उसकी वजह से उनका काम ईमानदारी से होता था। उस दिन बैठ कर हमने याद किया कि किस तरह से 26 साल पहले यह लड़ाई ईमानदारी, देशभक्ति के लिए और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी। हमने याद किया कि कैसे दिल्ली की झुग्गियों में जाकर गरीबों के राशन कार्ड बनवाने से लेकर राशन दिलवाने तक की लड़ाई लड़ी है। हमने यह लड़ाई इसलिए नहीं लड़ी थी कि सत्ता में आना है या किसी कुर्सी पर बैठना है। हमने राइट टू इंफार्मेशन कानून बनवाया और पूरे देश में घूम-घूम कर इसके बारे में बताया। हमने लाखों लोगों को सूचना का अधिकार फाइल करने में मदद की। जिससे उनके काम ईमानदारी से हुए। भ्रष्टाचार से आम आदमी लड़ सका।
हमने दिल्ली का बजट 30 हजार करोड़ से बढ़ाकर 75 हजार करोड़ किया और इस पैसे से बिजली, पानी, बस यात्रा, तीर्थयात्रा समेत कई मुफ्त सुविधाएं दी- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि इन राजनैतिक कुर्सियों पर आकर बैठेंगे। राजनीतिक पार्टी बनाएंगे और इतने बड़े-बड़े पदों पर बैठेंगे। लेकिन शायद भगवान ने हमारे लिए कुछ सोच रखा था। हम तो ईमानदारी और देशभक्ति का जज्बा लेकर घर से निकले थे और लोगों के लिए काम रहे थे। भगवान के सोचे हुए के मुताबिक अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने और मैं उपमुख्यमंत्री बना। दिल्ली में हमने स्कूल, अस्पताल, यूनिवर्सिटी बनाया। हमने ईमानदारी से काम करके दिल्ली का बजट 30 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 75 हजार करोड़ तक पहुंचा दिया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की जनता बड़ी ईमानदारी से टैक्स दे रही है। इसलिए इस पैसे को वापस दिल्ली की जनता को देंगे। इसके बाद दिल्ली में बिजली फ्री हो गई, पानी फ्री हो गई, बस यात्रा और तीर्थयात्रा फ्री हो गई। अनधिकृत कॉलोनियों और मोहल्लों में ढेर सारी सड़कें बन गईं। बहुत सारी नई बसें आ गईं, जो पहले कभी नहीं आईं। दिल्ली में 24 घंटे बिजली आने लगी। हमने ईमादारी और देशभक्ति से काम किया। इसलिए यह सारी सुविधाएं हम दे पाए।
केजरीवाल ने कहा, मैं लांछन लेकर सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा और जनता के बीच जाऊंगा- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैंने अरविंद केजरीवाल को बताया कि अब मैं जनता के बीच पद यात्राओं में जा रहा हूं। लोगों की बहुत मदद मिल रही है और लोग कह रहे हैं कि भाजपा वालों ने अरविंद केजरीवाल के साथ गलत किया। ये केजरीवाल को रोकना चाहती हैं। मैंने केजरीवाल जी से कहा कि दिल्ली की जनता आपसे बहुत प्यार करती है। जनता के बीच में आपके प्रति मान-सम्मान और प्यार बढ़ रहा है। यह सारा केस जमानत तक था। ट्रायल तो अभी 7-8 साल तक चलेगा। अरविंद केजरीवाल ने मुझसे कहा कि अदालत की मोहर तो लग गई कि केस खत्म है और अब इसमें कुछ नहीं है, लेकिन जनता की मोहर भी लगवानी है कि केजरीवाल ईमानदार हैं। केजरीवाल ने मुझसे कहा कि मैं लांछन लेकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा। इन्होंने मेरे उपर बेइमानी का आरोप लगाया है। मैं जनता के बीच जाउंगा। अगर जनता कहेगी कि केजरीवाल ईमानदार नेता हैं और मुझे चुन कर भेजेगी तब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठूंगा। केजरीवाल जी ने कहा कि अब मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा। तीन महीने बाद चुनाव है। अगर जनता दुबारा चुनकर भेजेगी तभी मुख्यमंत्री बनूंगा। मैं जनता के बीच यही कहूंगा कि मैंने काम किया, मैं ईमानदार हूं, अगर दिल्ली की जनता यह सोचती है कि मैं ईमानदार हूं, तो वोट दें और सीएम की कुर्सी पर बैठाएं, नही ंतो मैं घर बैठ जाउंगा।
हम जनता से कहेंगे, अगर अच्छे स्कूल, यूनिवर्सिटी के लिए केजरीवाल की जरूरत है और वह ईमानदार हैं तो उन्हें वापस मुख्यमंत्री बनाओ- सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि मैंने केजरीवाल जी से कहा कि यही बात मेरे दिल में भी है। पिछले 10 साल से मैं आपके साथ कदम से कदम मिलाकर दिल्ली की जनता के लिए काम किया है। दिल्ली के बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल, यूनिवर्सिटी बनाया है। मेरे दिल में भी यही बात है कि अब उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर तभी बैठूंगा, जब जनता कहेगी कि मनीष सिसोदिया ईमानदार है। जब जनता कहेगी तक हमें शिक्षा मंत्री के रूप में मनीष सिसोदिया चाहिए, तभी मैं शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर बैठूंगा। आज अगले तीन-चार महीने जनता की अदालत में रहेंगे। अरविंद केजरीवाल के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहेंगे। जनता की अदालत में जाकर जनता के फैसले का इंतजार करेंगे। हम जनता से कहेंगे कि अगर हम ईमानदार हैं तो वापस कुर्सी पर बैठाओ। अगर आपको लगता है कि अच्छे स्कूल, यूनिवर्सिटी बनवाने के लिए अरविंद केजरीवाल की जरूरत है और वह ईमानदार हैं तो उन्हें वापस मुख्यमंत्री बनाओ। तब कुर्सी पर बैठेंगे, लेकिन यह लांछन लेकर नहीं बैठेंगे। इसलिए हम लोगों ने अपनी कुर्सी छोड़ दी और आपके बीच में आए हैं। देश के इतिहास में अरविंद केजरीवाल पहले ऐसे नेता हैं, जिनकी दो-दो राज्यों में सरकारें हैं, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि कहा कि जिन लोगों ने पिछले 17 महीने में तुझे अंदर और बाहर से तोड़ने की कोशिश की, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि जब तब अरविंद केजरीवाल तानाशाही रावण के खिलाफ राम बन कर यह लड़ाई लड़ते रहेंगे, मैं लक्ष्मण बन कर उनके साथ खड़ा रहूंगा। दुनिया की किसी रावण की तानाशाही मुझे नहीं तोड़ सकती।
दिल्ली की जनता चुनाव में अरविंद केजरीवाल को प्रचंड बहुमत देकर फिर से मुख्यमंत्री बनाएगी- गोपाल राय
इस दौरान ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली की जनता ने प्रचंड बहुमत से अरविंद केजरीवाल की सरकार बनाई और उन्होंने पूरी निष्ठा से दिल्ली की जनता के लिए काम किया। केजरीवाल ने अपनी ईमानदारी से दिल्ली के लोगों को फ्री बिजली और पानी, अच्छे स्कूल, अस्पताल, मोहल्ला क्लीनिक, महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा और बुजुर्गों की तीर्थयात्रा की सुविधा दी। लेकिन यह सब देखकर भाजपा के पेट में दर्द होने लगा। भाजपा ने पहले एलजी के माध्यम से काम रोकने की कोशिश की, लेकिन काम नहीं रुका। इसके बाद उसने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, शिक्षा मंत्री और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल में डाल दिया। जब इस सबके बावजूद दिल्ली का काम नहीं रुका, तो भाजपा ने सोचा कि बाकी राज्यों की तरह आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जेल में डालकर दिल्ली की सरकार को गिरा देगी। भाजपा के पास ईडी-सीबीआई, पैसों और सत्ता की ताकत है, लेकिन अरविंद केजरीवाल के पास जनता के आशीर्वाद की ताकत है। अरविंद केजरीवाल पूरी दुनिया में इकलौते ऐसे नेता हैं जो चौराहे पर खड़े होकर कहने की हिम्मत रखते हैं कि अगर मैं ईमानदार हूं तो मुझे वोट देना और बेईमान हूं तो वोट मत देना। दिल्ली की नई सरकार केजरीवाल के काम को जारी रखेगी। साथ ही, हम सब लोगों की ज़िम्मेदारी है कि दिल्ली की जनता विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल को प्रचंड बहुमत दें और उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाएं।