दिल्ली नगर निगम में स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव गैर कानूनी तरीके से कराने की कोशिश कर रहे भाजपा के एलजी को आम आदमी पार्टी ने आड़े हाथ लिया। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। एमसीडी का सदन स्थगित होने के बावजूद एलजी साहब ने एक घंटे की नोटिस पर स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराने का फरमान जारी कर दिया, जो कि गैर संवैधानिक है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या आफत आ गई जो एलजी साहब ने हर हाल में रात में ही चुनाव कराने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव होना था, लेकिन दिन भर हंगामा होने के कारण मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने सदन को स्थगित कर दिया और 5 अक्टूबर को स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराने की तारीख तय कर दी। फिर भी विदेश में बैठे एलजी साहब द्वारा चुनाव कराने का आदेश दिया गया।
देर रात प्रेसवार्ता कर मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा लोकतंत्र की हत्या के रोज़ नए रिकॉर्ड कायम कर रही है और हम यह हर बार देख रहे हैं। इस समय रात 9ः30 बजे भी प्रधानमंत्री मोदी के आदेश पर भाजपा दिल्ली नगर निगम में लोकतंत्र की हत्या कर रही है। सबको पता है कि आज दिल्ली नगर निगम में स्टैंडिंग कमेटी के मेंबर का चुनाव होना था। आज पूरे दिन एमसीडी में हंगामा होता रहा। मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने कई बार सदन को सही से चलाने की कोशिश की ताकि स्टैंडिंग कमेटी के मेंबर का चुनाव हो सके, लेकिन बार-बार हंगामा होता रहा और कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा। फिर से मीटिंग बुलाई गई और हंगामे के कारण उसे स्थगित करना पड़ा।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय, जो कि पीठासीन अधिकारी हैं और उनके पास यह तय करने का कानूनी अधिकार है कि चुनाव कैसे होंगे, बैठक कब और कैसे होगी। उन्होंने सदन में हुए हंगामे के चलते शाम 4 बजे के बाद निर्णय लिया कि बैठक को 5 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया जाए। सदन की पीठासीन अधिकारी मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय के इस फैसले के बाद सारे पार्षद अपने-अपने घर चले गए। सबने मान लिया कि अब 5 अक्टूबर को चुनाव होने हैं। लेकिन तभी शाम को 8ः30 बजे पता चला कि एलजी साहब ने एमसीडी कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर कहा है कि डेढ़ घंटे के अंदर, यानी रात 10 बजे तक एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य का चुनाव संपन्न कराया जाए।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि एलजी इस समय विदेश में घूम रहे हैं। उन्होंने विदेश से एमसीडी कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर आदेश दिया है कि किसी भी कीमत पर चुनाव आज रात तक ही कराया जाए। पूरे दिन एमसीडी सदन में हंगामा होता रहा। मेयर ने भी आदेश दे दिया कि अब अगली बैठक 5 अक्टूबर को होगी। सारे पार्षद जा चुके हैं। लेकिन एलजी साहब विदेश से अचानक रात में चिट्ठी भेजकर कह रहे हैं कि रात 10 बजे से पहले चुनाव संपन्न करा दीजिए। मेयर की अध्यक्षता में करा दीजिए, वो न मिलें तो डिप्टी मेयर की अध्यक्षता में करा दीजिए और वो भी न मिलें तो किसी भी वरिष्ठ सदस्य की अध्यक्षता में चुनाव करा दीजिए।
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि ऐसी क्या आफत आ गई है कि शाम को सदन स्थगित होने के बाद एलजी रात तक किसी भी तरह चुनाव कराने का आदेश दे रहे हैं? हमें पता चला कि ये चिट्ठी काउंसलर्स को भी भेजी जा रही है। पता चला कि कई सारे काउंसलर्स तो बाहर हैं। मुझे कई काउंसलर्स ने फोन करके कहा कि हम इतने कम समय में कैसे पहुंचेंगे? सवा घंटे के अंदर चुनाव संपन्न होना है। कई पार्षद यह सोचकर नोएडा, फरीदाबाद या अन्य जगह निकल गए हैं कि अगली बैठक 5 अक्टूबर को होनी है। लेकिन अचानक उन्हें वापस लौटने को कहा जा रहा है। सवा घंटे में तो चुनाव संपन्न करना है, तो वह 30 से 45 मिनट में कैसे पहुंचेगा?
मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने काफी सोचा कि इसके पीछे भाजपा क्या खेल करना चाहती है। हमें नगर निगम के एक कर्मचारी ने बताया कि जब आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद सदन से चले गए, तो भाजपा ने अपने सभी पार्षदों को अपने अध्यक्ष और सांसदों के साथ एमसीडी कमिश्नर के पास बैठा लिया। उन्हें पहले से पता था कि एलजी साहब चिट्ठी लिखेंगे, इसलिए उन्हें कहीं जाना नहीं है। उनके सांसदों और अध्यक्ष को पहले से पता था कि एलजी साहब की चिट्ठी आने वाली है, और रात 10 बजे तक चुनाव के आदेश दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मेयर ने सदन को अगली तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके बावजूद भाजपा के सारे पार्षद, सांसद, अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी वहीं बैठे रहे। क्योंकि उन्हें पता था कि सारे पार्षदों के जाने के बाद एलजी साहब फिर आनन-फानन में बैठक बुलाने के लिए कहेंगे। एलजी साहब की चिट्ठी ने सारी सच्चाई सामने लाकर रख दी है। उन्होंने साफ कहा है कि मेयर, डिप्टी मेयर या किसी वरिष्ठ सदस्य के जरिए ही सही, लेकिन आज ही चुनाव करवाओ। इसका क्या मतलब है? यह खुलेआम संविधान और लोकतंत्र की हत्या है। इससे पहले चंडीगढ़ में भी भाजपा बेशर्मी से पकड़ी गई थी। आज फिर वही बेशर्मी करते हुए पकड़ी जा रही है। ये लोग पूरी दिल्ली के भविष्य के साथ खेल रहे हैं। भाजपा को बार-बार इस तरह की हरकतें करने पर शर्म आनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट से फटकार मिलने के बावजूद भाजपा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा में हिम्मत है तो मेयर ने जो तारीख तय की है, उस पर चुनाव कराए। उसे किस बात का डर है? चार दिन बाद चुनाव हो जाएगा, इससे क्या फर्क पड़ेगा? अगर भाजपा में थोड़ी भी शर्म बची है, तो संविधान और लोकतंत्र का सम्मान करे।