दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई जमानत की शर्तों का पालन करते हुए सोमवार को सुबह ईडी और सीबीआई के दफ्तर जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुप्रीम कोर्ट ने सुबह 10 से 11 बजे के बीच दोनों जांच एजेंसियां के दफ्तर जाकर अपने जांच अधिकारी के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का आदेश दिया है।
मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अक्षरः पालन करते हुए एक सामान्य नागरिक की तरह पहले सीबीआई के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने अपने जांच अधिकारी मुलाकात कर उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर किया। इसके उपरांत वो ईडी दफ्तर के लिए रवाना हुए और वहां भी जांच अधिकारी के समक्ष अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
इस दौरान मनीष सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करना मेरी प्राथमिकता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मुझे हर सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 से 11 बजे के बीच ईडी और सीबीआई के दफ्तर में जाकर अपनी उपस्थिति देनी है। इसलिए सुबह मैं सबसे पहले सीबीआई के दफ्तर और फिर ईडी के दफ्तर गया। वहां जाकर मैंने दोनों एजेंसियों के इनवेस्टिंग ऑफिसर से मुलाकात की है।
बता दें कि दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पिछले 17 महीने से तिहाड़ जेल में थे। भाजपा की केंद्र सरकार ने राजनीतिक साजिश के तहत एक फर्जी घोटाला बनाकर मनीष सिसोदिया को जेल में डाल दिया था। इस मामले में ईडी और सीबीआई दोनों ने केस पंजीकृत किया है और जांच कर रही हैं। पिछले दो साल से चल रही जांच में दोनों ही केंद्रीय जांच एजेंसियों को मनीष सिसोदिया के खिलाफ एक भी सबूत नहीं मिला है। इसके बाद भी उनको 17 महीने तक जेल में रहना पड़ा। बीते 09 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मनीष सिसोदिया को कुछ शर्तों के साथ नियमित जमानत दे दी है। उन शर्तों में एक शर्त दोनों जांच एजेंसियों के दफ्तर में जाकर हर सोमवार और गुरुवार को उन्हें अपनी मौजूदगी दर्ज करानी है।