Skip to content
Facebook-f Instagram Youtube
  • Join AAP
  • Donate
  • About Us

    Our History

    Our Leadership

    Constitution

    Election Symbol

  • Media Gallery

    Press Release

    Official Spokespersons

  • Election Corner

    Delhi Elections 2025

  • Get Involved

    Join AAP

    Become a Member

    Careers

    Internship

    Fellowship

  • आप का रामराज्य

नए कानून में स्कूल स्तर पर बनी कमेटी में चेयरमैन स्कूल मैनेजमेंट होगा और स्कूल की प्रिंसिपल, सेक्रेटरी, डीई व 5 पैरेंट्स सदस्य होंगे- सौरभ भारद्वाज

  • April 29, 2025

महज दो महीने में ही भाजपा सरकार और प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट के बीच मिलीभगत दिल्ली की जनता के सामने आ गई है। भाजपा सरकार निजी स्कूल मैनेजमेंट को मनमाना फीस बढ़ाने के लिए कानूनी कवच देने जा रही है। यह नया कानून मिडिल क्लास व अपर मिडिल क्लास के शोषण का साधन बनेगा। साथ ही, निजी स्कूलों की अनुचित मुनाफाखोरी को वैध बनाएगा। यह बड़ा खुलासा करते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बिना पेरेंट्स और अभिभावक संगठनों से चर्चा किए कोई कानून कैसे बनाया जा सकता है? आखिर इस कानून को पैरेंट्स से इतना गुप्त क्यों रखा गया है?

उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि के खिलाफ शिकायत करने के लिए 15 फीसद पेरेंट्स होने की बाध्यता का नियम भी बेहद हास्यास्पद है। ऐसे में किसी निजी स्कूलों के खिलाफ पैरेंट्स शिकायत नहीं कर सकेंगे। अगर किसी स्कूल में 3,000 बच्चे हैं तो शिकायत करने के लिए 450 पेरेंट्स को कैसे इकट्ठा किया जा सकेगा? अभिभावक प्रतिनिधियों का चयन निजी स्कूल द्वारा लॉटरी से क्यों किया जाएगा? 2010 की अधिसूचित पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन (पीटीए) गठन के दिशानिर्देशों में चुनाव का प्रावधान था, इसे क्यों हटाया गया? इससे शुल्क निर्धारण समिति में केवल हामी भरने वाले सदस्य ही आएंगे, जिससे अत्यधिक फीस बढ़ोतरी को कानूनी जामा पहनाया जा सकेगा।

मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा को लेकर आम आदमी पार्टी ने जैसा कहा था, भाजपा की सरकार में ठीक वैसा ही हो रहा है। आज भाजपा की दिल्ली सरकार प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट के साथ सीधे तौर पर मिली हुई पूरी दिल्ली को दिख गई है। सीएम रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर कहा कि दिल्ली के अंदर प्राइवेट स्कूलों में फीस तय करने के लिए एक कानून ला रहे हैं। इस कानून का नाम दिल्ली स्कूल एजुकेशन ट्रांसपरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस बताया है। इस एक्ट के अंदर पारदर्शिता शब्द भी है। सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि क्या कोई बता सकता है कि इस इस बिल को बनाने और कैबिनेट में लाने से पहले इसे लोगों की राय के लिए कब रखा गया? क्या इस बिल पर लोगों की राय ली गई, क्या इस संबंध में कोई विज्ञापन जारी किया गया ताकि बच्चों के पैरेंट्स अपना सुझाव दें कि उनको क्या चाहिए?

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की सरकार ने निजी स्कूलों के मैनेजमेंट से राय मशविरा तो की, क्योंकि वो भाजपा का हिस्सा हैं। निजी स्कूलों की संस्था एक्शन कमेटी फॉर प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष भरत अरोड़ा तो दिल्ली भाजपा की कार्यकारिणी में हैं। लेकिन सरकार ने पैरेंट्स से कोई सुझाव नहीं लिया और पैरेंट्स से चोरी-छिपे इस बिल को बनाया गया। बिल में कहा गया है कि आगामी जुलाई में इस कानून को लाया जाएगा और नवंबर तक लोगों को पता चल जाएगा कि अगले साल निजी स्कूलों में कितनी फीस बढ़ेगी। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने इस साल स्कूलों में बढ़ी फीस के बारे में कुछ नहीं बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी निजी स्कूलों की ऑडिट करा ली है। अगर ऑडिट करा लिया है तो उसे सरकार की वेबसाइट पर डालना चाहिए। ऑडिट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए कि किन स्कूलों में मुनाफा मिला और किसमें नहीं मिला।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार कह रही है कि उसके पास शक्तियां नहीं है। यह हम मान लेते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि जब मनीष सिसोदिया शिक्षा मंत्री थे, तब वह किन शक्तियों के आधार पर सैकड़ों निजी स्कूलों से बढ़ी फीस वापस कराते थे। वह मनीष सिसोदिया की इच्छा शक्ति थी। कानून में शक्ति है, लेकिन भाजपा की सरकार में इच्छा शक्ति की कमी है। दिल्ली सरकार के डीएम ने खुद डीपीएस में जाकर बताया कि वहां बच्चों का उत्पीड़न किया जा रहा था। बच्चों को लाइब्रेरी में बैठाया जा रहा था। क्या दिल्ली सरकार के पास स्कूल के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराने की भी शक्ति नहीं है। अभी डीपीएस स्कूल के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई गई है। क्योंकि मुख्यमंत्री के पास इच्छा शक्ति नहीं है और पूरी सरकार स्कूल वालों के साथ मिली हुई है। एक भी स्कूल को बढ़ी फीस वापस लेने का निर्देश नहीं दिया गया है। अब अगले साल पर डाल दिया गया है। इसका मतलब है कि इस साल 20 से 82 फीसद तक निजी स्कूलों में फीस बढ़ी है, उसे सरकार ने वैध कर दिया है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने दिल्लीवालों से झूठ बोला कि उसके पास शक्तियां नहीं है। दिल्ली सरकार के पास शक्तियां मौजूद हैं, जो दिल्ली स्कूल एजुकेशन रूल्स 1973 में मिली हैं। उन्हीं शक्तियों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक

Social Stream

Tweets by AamAadmiParty
Follow on Instagram

“First, they ignore you, then they laugh at you, then they fight you and then you win.” - Mahatma Gandhi

AAM AADMI PARTY

1, Pandit Ravi Shankar Shukla Lane, (1 – Canning Lane)
New Delhi – 110001

  • Helpline No : 97185 00606
  • Timing : 9:00 am - 6:00 pm
  • Email ID: contact@aamaadmiparty.org

About

  • Our History
  • AAP Leadership
  • Constitution
  • Election Symbol
  • C2/C7 Documents
  • Archive Website

Media Resources

  • Press Release
  • Official Spokespersons

Follow us on

Facebook-f Instagram Youtube X-twitter
©2026 Aam Aadmi Party. All rights reserved.
  • Privacy Policy
  • Terms of Service
  • Contact Us
About Us

Our History

Our Leadership

Constitution

Election Symbol

Media Gallery

Press Release

Official Spokespersons

Election Corner

Delhi Elections 2025

Get Involved

Join AAP

Become a Member

Careers

Internship

Fellowship

आप का रामराज्य
Facebook-f Instagram Youtube